Category Archives: agriculture

मूँग की उन्नत खेती एवं फसल सुरक्षा उपाय

मूँग का प्रयोग मुख्य रूप से दालों के रूप में होता है और प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में खरीफ के मौसम में मूँग की खेती 19.28 हजार हेक्टेयर में की जाती हैं, रबी के मौसम में मूँग की खेती 23.79 हजार हेक्टेयर में की जाती हैं इसका औसतन उत्पादन 350-… Read More »

जैविक खेती – फसल उत्पादन एवं महत्व

जैविक खेती देसी खेती का उन्नत तरीका है। जहाँ प्रकृति व पर्यावरण को संतुलित रखते हुए खेती की जाती है। इसमें रसायनिक खाद, कीटनाशकों का उपयोग नहीं करते हैं खेत में गोबर की खाद, कम्पोस्ट, जीवाणु खाद, फसल अवशेष , फसल चक्र एवं प्रकृति में उपलब्ध खनिज जैसे रॉक फॉस्फेट, जिप्सम आदि से पौधों को… Read More »

हल्दी की उन्नत खेती एवं बीज संरक्षण,प्रक्रियाकरण(क्योरिंग)

इसकी मूल जड़ में अदरक के सामान कन्द होते हे जिसे हल्दी कहते हैं। हल्दी एक बहुवर्षीय शाकीय पौधा हैं इसका  वानस्पतिक नाम कुरकुमा लोंगा हैं एवं जिंजिवरेंसी कुल का सदस्य हैं। हल्दी का मूल स्थान भारत ही माना जाता हैं। इसका पौधा भारत में प्रत्येक स्थान पर पाया जाता हैं। भारत की विभिन्न मसाले… Read More »

लौकी की उन्नत खेती एवं फसल सुरक्षा उपाय

लौकी की बैलों की अच्छी वृद्धि 25 से 30 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर  होती हैं। इनके लिए उपजाऊ दोमट भूमि जहां पानी का निकास अच्छा हो उत्तम होती हैं। इनकी खेती गर्मी और वर्षा दोनों ऋतुओ में की जाती हैं। किस्मे लौकी में पूसा समर प्रोलीफिक लौंग, पूसा प्रोनिफिक राउंड, पूसा मंजरी(संकर गोल), पूसा नविन,… Read More »

उड़द की उन्नत खेती एवं फसल सुरक्षा उपाय

उड़द एक दलहनी फसल हैं। उड़द को खरीफ में उगाने के साथ- साथ जायद में भी इसकी सफल खेती की जा सकती हैं। फॉस्फोरस अम्ल अन्य दालों की तुलना में 8 गुना अधिक होता हैं। उड़द में प्रोटीन 24% तथा कार्बोहाइड्रेड 60% पाया जाता हैं। उड़द की खेती करने से 45 किलोग्राम नाइट्रोजन भूमि को… Read More »

भिन्डी उत्पादन तकनीक एवं फसल सुरक्षा उपाय

साब्जियों में भिन्डी एक प्रमुख नकदी फसल हैं,जिसमे विभिन्न पोषक तत्व कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन्स, स्टार्च तथा खनिज पदार्थ प्रचुर मात्रा में पाए जाते है. भिन्डी के फलों को स्वादिष्ट सब्जी व् सुप तैयार करने के लिए प्रयोग किया जाता हैं. जबकि इससे पौधों को कागज , गत्ता,तथा जड़ सहित पौधों को गुड़ बनाते समय इसकी… Read More »

Fenugreek Advanced Technology of Production

Fenugreek is cultivated all over India. Only the leaves are used in the vegetable. Its seeds are used as a spice. Fenugreek protein – along with Vitamin C is found in plenty. In India use of fenugreek is used as vegetable and spice, its leaves and tender beans are used as vegetables. Dried fenugreek seeds… Read More »

Sulfur Importance and use in crops

Farmers mostly in agriculture d. A. P., Urea, potash and including sometimes Mop use of sulfur in the soil nutrition are essential elements in the fourth, Consequently there has been a widespread lack of this element in soils are, Testing of soil samples in various districts of Rajasthan 20 to 40% reduction of this element… Read More »

Water Management System in Rabi crops

Water management is essential for the crop at the right time in the right quantity and the right way to water. No need to water as needed and at the appropriate time on the water than on the land’s physical condition worsens and produces low returns. The importance and availability of Water Water, Sea World… Read More »

Career in Indian Agriculture field

(India provides an agricultural country with the world’s largest agricultural research system in our country, about 50 agricultural universities and agricultural colleges and institutions have a large network of science centers 23% of the entire economy of the country, agriculture sector has tremendous potential to make a career in it DGP) Job prospects in agriculture… Read More »