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सोलर पम्प परियोजना एवं अनुदान राजस्थान में

सोलर पम्प परियोजना
Written by bheru lal gaderi

सोलर आधारित पम्प परियोजना राजस्थान में

राजस्थान में सोलर ऊर्जा की अपर संभावनाए हैं गैर-पारम्परिक एवं पर्यावरण के लिए फायदेमंद सौर ऊर्जा के उपयोग के लिए किसानों को सौर ऊर्जा आधारित पम्प स्थापित करवाएं गए हैं। सौर ऊर्जा आधारित सोलर पम्प पररियोजना (Solar-Pump-Yojna) राजस्थान राज्य के लिए वरदान साबित हुई हैं सोलर पम्प सयंत्र स्थापना में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर हैं।

सोलर पम्प परियोजना

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सोलर पम्प के लाभ

  • लाभकारी उच्च मूल्य वाली बागवानी/कृषि फसलों को भी अपनाने का अवसर किसानों को देकर राज्य में सिंचित क्षेत्र बढ़ाना परिणाम स्वरूप उत्पादकता में बढ़ोतरी।
  • कुशल सिंचाई विधियों के उपयोग के माध्यम से भूजल संरक्षण।
  • बिजली की मांग व आपूर्ति के अन्तर में कमी करके सिंचाई के लिए ग्रिड आधारित बिजली के अलावा एक नया विकल्प उपलब्ध करवाना।
  • महंगे और प्रदूषणकारी डीजल पम्प सेट का कम इस्तेमाल।
  • ऐसे दुरस्त स्थानों पर किसानों को सिंचाई सुविधाए उपलब्ध करना जहां निकट भविष्य में विद्द्युत ग्रिड की संभावना कम हैं।
  • सोर ऊर्जा पम्प सयंत्रों द्वारा दिन के समय सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाना, चूँकि ग्रिड पावर की पूर्ति साधारणतयः रात्रि के दौरान की जाती हैं जिससे कृषकों को सिंचाई करने में असुविधा होती हैं।

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राज्य सरकार से प्रोत्साहन

राज्य में अब तक कुल 29675 सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र स्थापित करवाय जा चुकें हैं कृषक, जिनका नाम कृषि विद्द्युत कनेक्शन प्राप्त करने की वरीयता सूची में हैं। तथा कृषि विद्द्युत कनेक्शन समप्रित करने को सहमत हैं, ऐसे कृषकों को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा देय अनुदान जो की लगभग आधार दर का 30% हैं, के अलावा राज्य योजना के अंतर्गत आधार लागत का 45% अतिरिक्त अनुदान देय होगा। इस प्रकार कुल देय अनुदान आधार लागत का लगभग 45% हैं।

सोलर पम्प परियोजना

Image Credit – Vethon Solar Private Limited

कृषक, जिनके पास कृषि विद्द्युत कनेक्शन नहीं हैं या इनका नाम डिस्कॉम की वरीयता सूची में नहीं हैं, को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मत्रालय(MNRE) भारत सरकार द्वारा देय अनुदान जो की लगभग आधार दर का 30% हैं, के अलावा राज योजना अंतर्गत आधार लागत का 30% अतिरिक्त अनुदान देय होगा। इस प्रकार कुल देय अनुदान आधार लागत का लगभग 60% हैं। कृषक, जिनके पास कृषि विद्द्युत कनेक्शन हैं या जिनका नाम कृषि विद्द्युत कनेक्शन प्राप्त करने की वरीयता सूची में हैं एवं वे कृषि विद्द्युत कनेक्शन समर्पित नहीं करना चाहते, उन्हें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मत्रालय भारत सरकार द्वारा देय अनुदान जो की लगभग आधार दर का 30% देय होगा।

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सोलर पम्प सयंत्र के लिए किसान की पात्रता

 किसान की पात्रता 

3 एचपी के सोलर पम्प संयंत्र के लिए किसान की पात्रता

5 एचपी के सोलर पम्प संयंत्र के लिए किसान की पात्रता

भूस्वामित्व

न्यूनतम 0.5 हेक्टेयर

न्यूनतम 1.0 हेक्टेयर

ग्रीन हाउस, शेड नेट

1000 मीटर

2000 मीटर

लोटनल

0.5 हेक्टेयर

0.75 हेक्टेयर

जल संग्रहण ढांचा

सतही

जल

स्त्रोत

1000 घन मीटर

1500 घन मीटर

डिग्गी

400 घन मीटर

800 घन मीटर

फार्म पोंड

1000 घन मीटर

1500 घन मीटर

भूमिगत जल स्त्रोत

100 मीटर अधिकतम गहराई

100 मीटर अधिकतम गहराई

Credit – The Farm Time

अधिक जानकारी के लिए अपने पास के कृषि पर्यवेक्षक या अपने जिले के उपनिदेशक कृषि या सहायक निदेशक उद्यान विभाग के कार्यालय में सम्पर्क करे।

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