सॉयल हेल्थ कार्ड योजना (एस.एच.स.) एवं कार्यक्रम

By | 2017-05-13

किसानों के लिए भारत सरकार ने महत्वकांशी कार्यक्रम सॉयल हेल्थ कार्ड योजना (एस.एच.स.) शुरू की हैं। किसान अब अच्छे उत्पादन के लिए अपेक्षित पोषक तत्वों और उर्वरकों के फसलवार ज्ञान के साथ आसानी से अपनी मिट्टी की स्थिति को जान सकते हैं।

सॉयल हेल्थ कार्ड योजना

 

सॉयल हेल्थ कार्ड योजना की आवश्यकता

भारत सरकार ने किसानों के कल्याण और फसलों की उच्च गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हुए कृषि के विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया। फरवरी 2015 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई। सॉयल हेल्थ कार्ड योजना इस दिशा में एक क्रन्तिकारी पहल हैं। यह सत्य हैं की कृषि उत्पादन के लिए मृदा एक अहम घटक हैं, इसकी गुणवत्ता में सुधार करने के लिए बेहतर उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाई जा सकती हैं। ये योजना किसानों को अपनी उत्पादकता बढ़ाने, बेहतर आय सुनिश्चित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करती हैं।  भारत सरकार सृढ़ता के साथ इस योजना को सफल बनाने के लिए प्रयासरत हैं। एवं सरकार ने मार्च 2017 तक सभी किसानो को सॉयल हेल्थ कार्ड उपलब्ध करने का लक्ष्य रखा हैं। सॉयल हेल्थ कार्ड योजना भारतीय किसानों के चेहरों पर मुस्कान लाएगी और उनके लिए फायदेमंद होगी।

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किसानों की आय में वृद्धि

सॉयल हेल्थ कार्ड योजना

यह योजना निश्चित रूप से प्राकृतिक संसाधनों से अधिक पैदावार प्राप्त करके किसानों की आय में वृद्धि प्रदान करेगी। इस योजना के माध्यम से किसानों को मृदा के स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिलेगी एवं देश एक स्वस्थ्य फसल और स्वस्थ्य भविष्य की और अग्रसर होगा, जिससे देश में उन्नति होगी।

  • गत वर्ष के बुकाबले 160% की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2016-17 के लिए 368.30 करोड़ रूपये की राशि आवंटित की गई हैं।
  • 31 मार्च 2017 तक 2.53 करोड़ मृदा नमूनों के लक्ष्य के मुकाबले, दिसम्बर 6, 2016 तक, 2.21 करोड़ मृदा नमूनें एकत्र किये गए जिससे 12.10 करोड़ सॉयल हेल्थ कार्ड बनाए जा रहे हैं।
  • 2016-17 के दोहरान 0.33 करोड़ मृदा नमूनों को एकत्र किया जा रहा हैं, जिससे 1.82 करोड़ सॉयल हेल्थ कार्ड तैयार किये जाएंगे।

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किसानों को फायदा

  • किसानों को दो वर्ष के अंतराल सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जाएंगे।
  • सॉयल कार्ड से किसानो को वृहत पोषक तत्वों, द्वितीय पोषक तत्वों, सूक्ष्म पोषक तत्वों और उर्वरक का फसलवार विवरण मिल सकता हैं।
  • यह कार्ड सुरक्षात्मक उपाय की भी सलाह देता हैं, जिससे किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करके अच्छी फसल प्राप्त हो सकती हैं।
  • फार्म यार्ड मेन्योर, रूरल एवं सिटी कम्पोस्ट और ग्रीन मैनोर के उपयोग पर जोर।

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें  प्रधानमंत्री मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना

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