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लाल मूली उपज रही माउंट की ठंडी जलवायु में

लाल मूली उपज रही माउंट की ठंडी जलवायु में
Written by Vijay dhangar

लाल मूली उपज रही माउंट की ठंडी जलवायु में

पर्वतीय स्थल माउंट आबू के किसान ब्रोकली और लाल मूली (Red Radish) की खेती कर रहे हैं। इससे यह किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। किसान बाबू सिंह ने बताया कि यहां किसान तापमान के अनुसार खेती करते हैं। आधा बीघा जमीन में आधा किलो लालमूली के बीज डाले जाते हैं और 25 से 30 दिन में फसल तैयार हो जाती है। उन्होंने आधा बीघा में 20 क्विंटल सब्जी की पैदावार हुई। बाजार में यह 50 से 60  रूपये किलो के भाव से बिकती हैं।

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देसी खाद का इस्तेमाल

लाल मूली की खेती के लिए ठंडी जलवायु चाहिए। हालंकि अधिकतर स्थानों पर शरद ऋतु में इसकी खेती ज्यादा होती है, लेकिन माउंट में हर समय वातावरण ठंडा रहने के कारण यहां इसकी नियमित खेती होती है। बाबू सिंह ने बताया कि लालमूली की खेती के लिए देसी खाद का उपयोग किया जाता है, इससे फसल कम समय में जल्दी तैयार हो जाती है। किसान खेती के साथ-साथ गाय भैंस भी रखते हैं, ताकि गोबर की खाद आसानी से मिल सके। यहां भूमि पथरीली होने से अधिक अनुकूल है।

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लाल मूली की सैलानियों में मांग

माउंट में आने वाले सैलानी काफी संख्या में लालमूली की खरीदारी करते हैं। ऐसे में नक्की झील समेत आस-पास के स्थानों पर लाल मूली आसानी से मिल जाती है। इसके अलावा लालमूली फाइव स्टार होटल एवं उच्च श्रेणी के सब्जी बाजार की दुकानों पर अधिक बेची जाती है। लाल मूली सलाद व पराठे के रूप में अधिक खाई जाती है। इसका छिलका लाल रंग का जो तीखा न होकर कुरकुरा, मुलायम तथा स्वादिष्ट होता हैं। लाल मूली को सलाद की सजावट हेतु भी प्रयोग में लाया जाता है।

प्रस्तुति

महेश परबत

राजस्थान पत्रिका एग्रोटेक

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