agriculture Agrotech news

मुनगा (सहजन) की पत्तियों की अनुबंध पर खेती की तैयारी

मुनगा
Written by bheru lal gaderi

बैतूल जिले (मध्य प्रदेश) के कृषकों द्वारा क्रेता कंपनी से अनुबंध पर मुनगा (सहजन) की पत्तियों की खेती कर सुनिश्‍चित आय अर्जित करने की तैयारी:-

वर्तमान में किसान खेती की तकनीकों का समुचित उपयोग कर एवं उचित प्रबंधन कर (मुनगा) अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे है परन्तु किसान की सबसे बडी समस्या ये है कि सुव्यवस्थित विपणन व्यवस्था के अभाव में कृषि उत्पाद का उचित मूल्य उन्हें नही मिल पाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुये उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, जिला बैतूल द्वारा किसानों का क्रेताओं से विभिन्न फसलों के उत्पाद खरीदने हेतु सीधा अनुबंध कराया जा रहा है।

मुनगा

 

त्रिपक्षीय अनुबंध:-

इसी कडी में कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के मार्गदर्शन में उद्यानिकी विभाग द्वारा आज जिले के कृषकों से अनुबंध पर मुनगा/सहजन की खेती करवाने की तैयारी हेतु संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में कार्यालय उप संचालक उद्यान, बैतूल में किसानों की बैठक कराई गई। बैठक में विभाग से जुड़े विषय विशेषज्ञ द्वारा मुनगे की खेती के महत्व के विषय मे किसानों को जानकारी दी गई। बैठक में मुनगा की खेती करने के लिये इच्छुक जिले के जागरूक कृषकों के साथ कंपनी गार्डन परिसर में डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार, उप संचालक उद्यान, जिला बैतूल एवं अन्य उद्यानिकी अधिकारियों की उपस्थिति में कंपनी प्रतिनिधि द्वारा मुनगा पत्ती अनुबंध की विस्तृत जानकारी देते हुये अनुबंध शर्ते एवं नियमों से किसानों को अवगत कराया गया। उपरोक्त अनुबंध त्रिपक्षीय होगा, जिसमें कम्पनी, किसान एवं उद्यानिकी विभाग पक्षकार होंगे।

इस अनुबंध के तहत 01 एकड़ में 4000 पौधों का रोपण होगा, जो कि 15 सितम्बर के बाद किया जायेगा। कंपनी द्वारा 10 रूपये प्रति पौधे की दर से पौधे उपलब्ध कराए जायेंगे एवं कंपनी द्वारा पत्तियाँ क्रय करने हेतु पाँच वर्ष का अनुबंध किया जायेगा। पौध रोपण एवं देख-रेख की व्यवस्था की जिम्मेदारी किसान की स्वयं की होगी। रोपण के तीसरे माह से पत्तियों का उत्पादन प्राप्त होगा। ताजी हरी पत्तियाँ पेंसिल आकार की डंडियों सहित कंपनी द्वारा 6 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदी की जावेगी। एक साल में एक एकड़ में 200 से 250 क्विंटल पत्तियों का उत्पादन होगा, इस प्रकार एक एकड़ से एक साल में औसतन 1.20 लाख आय प्राप्त होगी। एक बार रोपण किये जाने पर इन खेतों से न्यूनतम दस सालों तक पत्तियों का उत्पादन लिया जा सकता है।

Read also:- गोबर की खाद का जैविक खेती में उपयोग एवं महत्व

जिले में निर्जलीकरण प्रोसेसिंग यूनिट :-

जिले में क्लस्टर आधारित मुनगा की खेती 500 एकड में कराये जाने हेतु अनुबंध का प्रस्ताव कंपनी द्वारा रखा गया है, जिसके तहत क्लस्टर में प्रति 100 एकड रोपण होने पर पत्तियों के निर्जलीकरण हेतु प्रोसेसिंग यूनिट जिले में ही स्थापित की जावेगी। क्‍लेक्‍शन सेन्टर से प्रोसेसिंग यूनिट तक पत्तियों का परिवहन खर्च कंपनी द्वारा वहन किया जायेगा।

यदि मुनगा की खेती करने वाले जिले के कृषक ही प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना चाहते हैं तो उन्हें कम्पनी द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान कर यूनिट स्थापित करने में सहयोग किया जायेगा, ऐसी स्थिति में कंपनी द्वारा एक किलो सूखी पत्ती की प्रोसेसिंग मूल्य के रूप में 13 रुपये प्रति किलो सूखी पत्तियों के मूल्य पर संबंधित को भुगतान किया जायेगा। मुनगा की पत्ती की खेती संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन समय-समय पर उपलब्ध कराने हेतु कंपनी द्वारा सर्विस प्रोवाईडर के रूप में जिले से ही कृषि विषय मे शिक्षित युवकों का चयन किया जायेगा, जिन्हें कंपनी के द्वारा पूर्व निर्धारित भुगतान किया जायेगा।

Read also:- सोना (मुद्रा) बनाम गेहूँ, बढ़ती महंगाई और किसान

डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार:-

उपसंचालक उद्यान बैतूल डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार द्वारा बताया गया कि मूल्य अनुबंध से एक ओर जहाँ जिले के कृषकों को अपना उत्पाद बेचने एक सुनिश्चित बाजार मिलेगा, वहीं प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने पर जिले में अन्य रोजगार पैदा होने की संभावनायें भी बढेंगी। मुनगा की खेती करने से किसानों के परिवार द्वारा भी स्वास्थ्य हेतु बहुपयोगी इस फसल को अपने भोजन में भी शामिल किया जाएगा जिससे ग्रामीण परिवारों के सुपोषण में भी मददगार साबित होगी।

कलेक्टर श्री शशांक मिश्र द्वारा अवगत कराया गया कि अनुबंध खेती के माध्यम से क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुये उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा मुनगा पत्ती क्रय करने हेतु मूल्य अनुबंध एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसके बहुआयामी परिणाम भविष्य में देखने मिलेंगे।

अनुबंध के लिए पंजीयन:-

अनुबंध पर मुनगा/सहजना की खेती करने वाले इच्छुक कृषक विकासखण्ड स्तर पर वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी, कार्यालय में संपर्क कर पंजीयन करा सकते है या अधिक जानकारी के लिये कार्यालय उप संचालक उद्यान, कंपनी गार्डन जिला बैतूल में संपर्क कर सकते है। सीमित लक्ष्य देखते हुए किसानों द्वारा पंजीयन अनुसार ‘‘प्रथम आओं-प्रथम पाओ’’ के आधार पर कृषकों का चयन किया जायेगा।

Read also:- दादी गंगा देवी जी की कहानी

जय जवान-जय किसान-जय उद्यान:-

(अगर उपरोक्त जानकारी आपको उपयोगी लगी हो तथा खेती सम्बन्धी नवीन तकनीकों, योजनाओं एवं अन्य जानकारी व अपनी खेती सम्बन्धी समस्या का समाधान प्राप्त करने के इच्छुक हों तो हमसे जुड़ने के लिए दिये गए लिंक पर जाकर पेज को अवश्य like एवं follow करें एवं share कर ज्यादा से ज्यादा किसानों तक जानकारी अवश्य पहुँचायें)

#उद्यानिकी_सन्देश_खेती_में_स्वच्छता_अभियान

https://www.facebook.com/UdyanikiSandesh/?ti=as

Read also:- गौ विज्ञानी भाई विपिन योगी से एक मुलाकात

Facebook Comments

About the author

bheru lal gaderi

Hello! My name is Bheru Lal Gaderi, a full time internet marketer and blogger from Chittorgarh, Rajasthan, India. Shouttermouth is my Blog here I write about Tips and Tricks,Making Money Online – SEO – Blogging and much more. Do check it out! Thanks.