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मशरूम की खेती कैसे करे लागत एवं मुनाफा

मशरूम की खेती कैसे करे लागत एवं मुनाफा
Written by bheru lal gaderi

मशरूम एक अच्छी गुणवत्ता युक्त खाद्य सामग्री है, इसमें प्रोटीन की सर्वाधिक मात्रा होती है एवं शर्करा, वसा कम होने से यह मधुमेह के रोगियों के लिए वरदान है। साथ ही उच्च रक्तचाप हृदय रोगियों के लिए भी लाभकारी है। मशरूम उत्पादन अतिरिक्त आय का स्त्रोत भी हैं। आज इसकी उपयोगिता को आम आदमी समझने लगा है। विक्रय एवं विपणन में अब समस्या नहीं है। यदि हम कृषक कच्चे झोपड़े में जिसका आकार 15 फीट 15 फीट हो, से औसतन रूपये 3500 प्रतिमाह अतिरिक्त कमा सकता है। यदि स्वयं भी उपभोग करें तो प्रोटीन एवं अन्य पोषक तत्व अधिक मात्रा में होने से स्वास्थ्य उत्तम रहता है। कुपोषण की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

मशरूम की खेती कैसे करे लागत एवं मुनाफा

Image Credit – flmag.com

मुख्य उद्देश्य निम्न हैं

  1.  अतिरिक्त आमदनी का स्त्रोत।
  2. पोषक तत्वों से भरपूर आहार।

महत्ता

पोषक तत्व व प्रोटीन का खजाना है यह शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाता है। शीताके एवं ढींगरी मशरूम का प्रतिदिन सेवन करने से कैंसर एवं घातक रोगों का खतरा 80% तक कम हो जाता है। ओसतन 100 रुपए खर्च कर रूपये 800  का फायदा उठाया जा सकता है।

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विधि

निम्न मशरूम राजस्थान की जलवायु एवं उदयपुर संभाग में उगाई जा सकती है। प्रत्येक मशरूम की उत्पादन विधि अलग-अलग है अतः प्रशिक्षण लेकर ही इन्हे उगाया जाए तो उपयुक्त होगा।

बटन मशरूम

 

गेहूं के भूसे से तैयार किए कम्पोस्ट पर उगाया जा सकता है। इसे केवल सर्दियों में ऊगा सकते हैं।

ढिंगरी मशरूम

गेहूं के भूसे को गलाकर उपचारित भूसे पर उगा सकते हैं। वर्ष भर उगा सकते हैं।

दूध छाता

इसे गेहूं के भूसे को उपचारित कर उगाई जाती है एवं उत्पादन मार्च से नवंबर तक ले सकते हैं।

शीताके मशरूम

इसे लकड़ी के बुरादे पर उगाया जाता है एवं नवंबर से मई तक उत्पादन ले सकते हैं।

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स्थाई लागत

30 फीटx 60 फीट का उत्पादन कक्ष बांस व टाटियों से 1, 20,000 रुपए की लागत से बना सकते हैं 5 वर्ष तक इसमें कोई खर्च अतिरिक्त नहीं आता है।

आवृत्ति लागत

5 वर्ष बाद रूपये 20,000 प्रतिवर्ष लगाने से यह काफी अच्छा उत्पादन देता है।

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लाभ

उपरोक्त मशरूम कक्ष से प्रतिवर्ष रूपये 5,00,000 का शुद्ध लाभ कमाया जा सकता है। बटन ढींगरी  दूध छाता एवं शीताके मशरूम उगाकर।

संभावनाएं एवं विपणन संदर्भ

इसकी प्रचुर संभावना है एवं विपणन की समस्या नहीं है। यदि  सहकारी समिति बनाकर किया जाए तो अत्यंत लाभकारी व्यवसाय  हैं। विदेशों में भी इसकी बहुत मांग हैं। विशेषतौर से अरब देशों में यह सुखी भी अच्छे दाम में बिकती है। केवल बटन मशरूम को नहीं सूखा सकते हालांकि इसे डिब्बाबंदी विधि से बेचा जा सकता है। सुखी मशरूम रूपये 1000 प्रति किलो से खरीददार उपलब्ध है। गुजरात एवं राजस्थान में कुछ व्यापारी अच्छी मात्रा में इसका निर्यात कर रहे हैं। ऐसे व्यापारियों के पत्ते हमारे पास उपलब्ध है।

Author :-

डॉ. एस.एस. शर्मा (मो.नं. 7073105583)

पौध व्याधि विभाग, राजस्थान कृषि महाविद्यालय

महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर

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