agriculture

फसल खराबे का खरा सच बाढ़ हो या सूखा, दोहरी मार

फसल खराबे
Written by bheru lal gaderi

अन्नदाता पर आफत : देश की आबादी के बड़े हिस्से से जुड़ा मुद्दा, लेकिन सुध लेने कौन आये ?

हमारे देश में मुददों की वाकई में कमी नहीं है। ट्रिपल तलाक, निजता का अधिकार और बाबा के चेलों का तांडव, पर इन मुद्दों के बीच कहीं पार्श्व में चला जाता हैं देश के अन्नदाता का फसल खराबे का मुद्दा। बाढ़ हो या सूखा किसान झेलता है दोहरी मार। किसानों को सरकारों से राहत के नाम पर मिलते हैं केवल आश्वासन। वर्तमान में किसानों को बाढ़ और सूखे की दोहरी मार से  रु-ब-रु होना पड़ रहा है। फसल बीमा योजना का नारा बस चाँद रुपयों के मुआवजे तक ही सिमट कर रह गया है। ऐसे में क्या प्रयास हों की अन्नदाता के दिन फिरें।

राजस्थान

फसल खराबे

प्राकृतिक हालात से निपटने के लिए हों सरकारी प्रयास

राजस्थान में बाढ़ और सूखे के हालात के कारण फसली नुकसान से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।

Read also – जैविक खेती के लाभ और उपाय

खरीफ बुवाई

दौसा:-180700 हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- मूंगफली की फसल में सफ़ेद लट का प्रकोप

उत्पादन:- कम बारिश से अन्नाज और चारे की किल्ल्त

अधिक बारिश:- गत वर्ष की तुलना में एक चौथाई बारिश

सूखे के कारण:- काम बारिश 50% नुकसान

फसल बीमा – 13352 ने कराया बीमा

अजमेर:- 418680 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- कीट एवं रोगों का प्रकोप नहीं

उत्पादन:- उत्पादन औसत रहने की सम्भावना

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे की स्थिति नहीं

सूखे के कारण:- सूखे की स्थिति नहीं

फसल बीमा – बीमा प्रक्रिया पूरी नहीं

Read also – ऊसर भूमि प्रबंधन: कारण एवं निवारण

बारां:- 31600 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- सोयाबीन और उड़द में कीट का प्रकोप

उत्पादन:- उत्पादन में कमी की आशंका

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे की स्थिति नहीं

सूखे के कारण:- सूखे की स्थिति नहीं

फसल बीमा – 32980 ने कराया बीमा

बांसवाड़ा :- 213000 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- कपास और उड़द की फसल में इल्ली और सेमीलूपर का प्रकोप

उत्पादन:- उत्पादन में कमी की आशंका

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे की स्थिति नहीं

सूखे के कारण:- सूखे की स्थिति नहीं

फसल बीमा – 42823 ने कराया बीमा

Read also – फसलों के अच्छे बीजों के गुण एवं विशेषताएं

सीकर :- 484000 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- चांवला और मोठ में येलो मोजेक रोग

उत्पादन:- फसलों की गुणवत्ता कमजोर रहेगी

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे की स्थिति नहीं

सूखे के कारण:- कम बारिश, 25-60% नुकसान

फसल बीमा – बीमा प्रक्रिया पूरी नहीं

सिरोही :- 156054 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- कीट व रोगों का फसलों पर प्रभाव

उत्पादन:- उत्पादन में भारी कमी रहगी

अधिक बारिश:- बारिश से 70% फसल चौपट

सूखे के कारण:- सूखे की स्थिति नहीं

फसल बीमा – 25000 ने कराया बीमा

Read also – किसानों को मिले गुणवत्ता युक्त सस्ता बीज

हनुमानगढ़ :- 673840 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- कपास की फसल में सफ़ेद मक्खी का प्रकोप

उत्पादन:- फसल के उत्पादन में कमी की आशंका

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे की स्थिति नहीं

सूखे के कारण:- कम बारिश पर नहर से भरपाई

फसल बीमा – बीमा प्रक्रिया पूरी नहीं

बाड़मेर:- 1472045 लाख हेक्टेयर

फसल पर प्रभाव:- कीट एवं रोगो का प्रकोप नहीं

उत्पादन:- उत्पादन औसत रहने का अनुमान

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे का सर्वे जारी

सूखे के कारण:- सूखे की स्थिति नहीं

फसल बीमा – बीमा प्रक्रिया पूरी नहीं

भीलवाड़ा:- 412152 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- उड़द, मुंग में पीलिया, तना छेदक का प्रकोप

उत्पादन:- उत्पादन औसत रहने का अनुमान

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे की स्थिति नहीं

सूखे के कारण:- सूखे की स्थिति नहीं

फसल बीमा – बीमा प्रक्रिया पूरी नहीं

Read also – कैसे करें नत्रजन स्थिरीकरण के लिए जीवाणु खाद-कल्चर का उपयोग

नागौर:- 1186871 लाख हेक्टेयर में बुवाई

फसल पर प्रभाव:- कीट एवं रोगों का प्रकोप नहीं

उत्पादन:- उत्पादन औसत रहने की सम्भावना

अधिक बारिश:- बारिश से खराबे की स्थिति नहीं

सूखे के कारण:- सूखे की स्थिति नहीं

फसल बीमा – बीमा प्रक्रिया पूरी नहीं

डूंगरपुर, राजसमंद, जालोर और चूरू से “राजस्थान-पत्रिका” संवाददाताओं द्वारा भेजी रिपोर्ट में कमोबेश ऐसे तथ्य सामने आए है।

राजस्थान में वर्ष 20-17 में खरीफ की फसल के लिए बुवाई का कुल रकबा 99.57 लाख है।

Read also – लेजर लेंड लेवलर द्वारा भूमि का समतलीकरण करायें

06 बड़े संकेत खेतों से

सूखे की आशंका:-

प्रदेश के अधिकतर जिलों में फिलहाल फसलों की स्थिति ठीक है पर बारिश की जरुरत है। सप्ताह भर में बारिश नहीं हुई तो सूखे की स्थिति बनेगी।

कीटों का प्रकोप:-

फसलों में पहले के मुकाबले कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है। सोयाबीन, उड़द, मुंग, और कपास जैसी फसलें इसकी चपेट में आ रही हैं।

बेअसर फसल बीमा योजना:-

फसल बीमा योजना बेअसर साबित हो रही है। बीमा करवाने वाले किसानों की संख्या बहुत ही कम है। बहुत से जिलों में बीमा प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

कम हुआ ग्वार का रकबा:-

प्रदेश में ग्वार का रकबा पहले की अपेक्षा कम हुआ है। गत वर्षों की तुलना में इसके भावों में कमी बने रहना मुख्य कारण है। इस वजह से प्रदेश के किसानों का रुझान दूसरी नकदी फसलों की तरफ बढ़ा है।

Read also – मृदा जांच में मृदा उर्वरता का महत्व

नहरी क्षेत्रों ने किया बचाव:-

प्रदेश के नहरी क्षेत्रों में कम बारिश का असर कम पड़ा है। जिन इलाकों में बारिश कम हुई है वहां सिंचाई नहरों के जरिये की जा रही है। इससे वहां के किसानों को सिंचाई सबंधी समस्याओं से अन्य क्षेत्रों से काम दो-चार होना पड़ रहा है।

जड़े फैला रही है नकदी फसलें:-

प्रदेश के किसानों का नकदी फसलों की तरफ रुझान बढ़ रहा है। सोयाबीन,कपास,अरंडी,मूंगफली जैसी फसलों के रकबे में बढ़ोतरी हुई है। लेकिन आने वाले समय में किसानों को फसल के उचित दाम मिलाने से ही ये रुझान कायम रह पायेगा।

  • 25 अगस्त 2017 है राजस्थान में फसल बीमा योजना की अंतिम तारीख।
  • 50% खराबे पर सरकार जिले को अभावग्रस्त घोषित करती है।
  • 33% खराबे पर मुआवजा देने की सरकार की और से प्रक्रिया शुरू।
  • 1947 में देश की 80 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर थी जो आज 25 फीसदी रह गई है।

Read also – बीजोपचार आधुनिक खेती में उपयोग एवं महत्व

मध्यप्रदेश

फसल खराबे

  • 50% फसल खराब हुई थी पिछले साल, कम वर्षा के कारण इस वर्ष 10 से 15 फीसदी खराबे की आशंका
  • फसल बीमा के लिए सरकार ने 2200 करोड़ जमा कराये।
  • किसानों के प्याज के घाटे की भरपाई के लिए सरकारी खरीद
  • किसानों की कर्ज माफ़ी के लिए राज्य में आंदोलन हुआ था।
  • कर्ज माफी के आंदोलन ने सियासी रूप से कुछ समय के लिए तूल पकड़ा लेकिन सभी मांगे पूरी नहीं हुई।

Read also – गौ आधारित प्राकृतिक खेती से लाभ एवं महत्व

अभी भी कर्ज माफी पर अड़े है किसान

फसल खराबे

राज्य में किसानों को बीना ब्याज के कर्ज दिया जा रहा है। राज्य में कर्ज माफी पर किसान अड़े हुए है। राज्य में कम वर्षा पर सरकार ने प्लान तैयार करने के निर्देश दिए है। पिछली खरीफ फसल खराबे का बीमा अभी तक नहीं बंट पाया है। राज्य सरकार ने 2200 करोड़ रूपये का राज्यांश जमा करा दिया है।  प्याज के किसानों को घाटा हुआ है।

Read also – स्टीविया की उन्नत खेती और उत्पादन तकनीक

फसल खराबे के आकलन से असहमत

फसल खराबे

राज्य में किसान फसल खराबे के आकलन में खेत को इकाई मानाने की मांग कर रहे है।  लेकिन पटवारी हल्का को इकाई मन जा रहा है। इस वर्ष राज्य में अल्प वर्षा के कारण 10-15 फीसदी तक फसल खराबे के नुकसान की आशंका है। राज्य में कम वर्षा के कारण आने वाली रबी फसल की पैदावार पर भी व्यापक असर पड़ता है।

Read also – गुलदाउदी की व्यवसायिक उन्नत खेती एवं उत्पादन तकनीक

छत्तीसगढ़

फसल खराबे

  • 70% से कम बरसात, 150 में से 53 तहसीलों में।
  • सबसे अधिक 61 फीसदी खराबा राजनांदगांव जिले में हुआ।
  • 1244629 किसानों ने 5449 करोड़ का फसली बीमा कराया।
  • बीमा कराने वाले 1096234 किसान कर्जदार है।
  • फसल खराबे का सरकारी आकलन पटवारी पर निर्भर है।
  • अलप वर्षा के कारण सरकार की और से हाल में एक कार्ययोजना बनाई है पलायन रोकने के लिए।
  • 08 रूपये का क्लेम मिला कई किसानों को पिछले साल फसल खराबे पर।

Read also – गेंदे की उन्नत एवं व्यवसायिक खेती से अधिक आय

कम वर्षा, फसलों पर पड़ रहा प्रतिकूल असर

फसल खराबे

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अल्प वर्षा के कारन फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सरकार पटवारियों से फसल खराबे से हुए नुकसान का नजरि सर्वे करा रही है। बिलासपुर में 59 फीसदी, बलोदा बाजार में 54 फीसदी, बेमेतरा में 37 फीसदी और रायपुर में 23 फीसदी फसलें खराब हो गई है। प्रदेश 34% बुवाई क्षेत्र में ही सिंचाई की क्षमता है।

Read also – प्रॉम खाद – एक प्रमुख जैविक खाद स्रोत एवं निर्माण विधि

फसल खराबे का अलग-अलग ब्यौरा

फसल खराबे

कम बारिश अथवा बाढ़ के हालात से फसल खराबे के आकलन को लेकर  अलग-अलग ब्योरे सामने आते है। जानकारों का मानना है की एक जैसी मिट्टी-पानी और सिंचाई सुविधाओं के बावजूद नुकसान का विवरण अलग आता है। फसल बीमा का लाभ किसानों को नहीं मील पाता है। फसली बीमा पद्धति को लेकर भी कई सवाल है।

Read aslo – जरबेरा की पॉलीहाउस में व्यावसायिक खेती

स्रोत:- राजस्थान पत्रिका

 

Facebook Comments

About the author

bheru lal gaderi

Hello! My name is Bheru Lal Gaderi, a full time internet marketer and blogger from Chittorgarh, Rajasthan, India. Shouttermouth is my Blog here I write about Tips and Tricks,Making Money Online – SEO – Blogging and much more. Do check it out! Thanks.