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कैसे करें नत्रजन स्थिरीकरण के लिए जीवाणु खाद-कल्चर का उपयोग

Written by bheru lal gaderi

धरती के ऊपर हवा में उपलब्ध तत्वीय नत्रजन को पौधे सीधे नहीं ले पाते है, जीवाणु खाद/कल्चर का उपयोग करके यह नत्रजन पौधों को उपलब्ध हो सकती है। जीवाणु खाद/कल्चर सूक्ष्म जीवाणु युक्त टिका है जिसमें सूक्ष्म जीवाणु राइजोबियम या स्वतंत्र सूक्ष्म जीवाणु एजेक्टोबेक्टर या शैवाल होते हैं। ये सूक्ष्म जीवाणु हवा में मौजूद नत्रजन को पौधों को उपलब्ध करवाने में सहायक होते हैं। 5000 अण्डों (2.5 ट्रेस्कोकार्ड) प्रति हेक्टेयर 45 दिन की फसल में 6 बार एक सप्ताह के अंतराल पर देना चाहिए।

जीवाणु खाद/कल्चर

 

दो प्रकर की जीवाणु खाद/कल्चर उपलब्ध है :

  1. नत्रजन जीवाणु खाद :

  • दाल वाली फसलों के लिए
  • बिना दाल वाली फसलों के लिए
  • दाल वाली फसलों की जड़ो में गांठे इनके द्वारा ही बनाई जाती है और नत्रजन की स्थापना की जाती है।
  • जबकि एजेक्टोबैक्टर पौधों की बीना सहयोग से ही इस प्रक्रिया को करता है।

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  1. स्फुर जीवाणु खाद – फॉस्फेट विलयशील जीवाणु (पी.एस.बी.)

इस प्रकार भूमि में दिया या उपलब्ध फॉस्फोरस पौधों को पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसके लिए फॉस्फोरस घोलक बैक्टीरिया का उपयोग किया जाता है।

प्रयोग कैसे करें सामग्री

  • जीवाणु खाद/कल्चर पैकेट 3 (600 ग्राम) एक हेक्टेयर बीज के लिए
  • पानी 1-2 लीटर
  • गुड़ 200-300 ग्राम

दलहनी फसलों के लिए राइजोबियम, अनाज वाली फसलों के लिए एजोक्टोबेक्टर तथा जिन फसलों में फॉस्फेट खाद की सिफारिश है उसमें पी.एस.बी. जीवाणु खाद/कल्चर का प्रयोग करें।

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प्रयोग विधि

एक लीटर गर्म पानी में 150 ग्राम गुड़ घोलकर ठंडा करें व इसमें कल्चर पैकेट अच्छी तरह से मिलाये। तैयार घोल को बीजों पर छिड़ककर हल्के से मिलाये। जब तक बीजों पर एक समान परत न चढ़ जावें। उपचारित बीजों को छाया में सुखाएं।

सावधानी

  1. उपचारित बीजों को छाया में सुखाकर 12 घंटे के अंदर ही बुवाई करें।
  2. कल्चर को ठंडी जगह पर रखे। गर्मी व ताप से बचाये।
  3. अलग-अलग फसलों के लिए निर्धारित कल्चर का ही उपयोग करें
  4. पैकेट पर उ पयोग तारीख पढ़ कर ही उपयोग करें।
  5. बीजोपचार यदि कीटनाशी, कवकनाशी अन्य कल्चर के साथ करना हो तो पहले कवकनाशी फिर कीटनाशी से तथा अंत में कल्चर से करना चाहिए।

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उपलब्धि स्थान

पौध व्याधि (राइजोबियम योजना) कृषि विभाग, दुर्गापुरा, कृषि रसायन व मृदा विज्ञान, विभाग कृषि महाविद्यालय, उदयपुर, नैफेड राजस्थान कृषि उद्योग निगम व जी.एफ.सी. आदि।

जीवाणु खाद कल्चर के नाम से कृषि विभाग के कार्यकर्ताओं के पास वर्तमान में अनुदानित दर पर उपलब्ध हैं। आजकल निजी संस्थाएं भी जीवाणु खाद/कल्चर बिक्री करती हैं। एक पैकेट दो बीघा के बीजों में मिलाने हेतु पर्याप्त हैं, जिसके प्रयोग से लगभग 20 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर नत्रजन की बचत होती है व 10-15 प्रतिशत तक उपज बढाती है।

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