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गेंदे की खेती कर सन्तोष ने कमाए 40 गुना से भी ज्यादा लाभ

गेंदे की खेती
Written by bheru lal gaderi

250 रुपये के बीज से गेंदे की खेती कर सन्तोष ने कमाए 40 गुना से भी ज्यादा लाभ:-

जी हाँ, आप बिलकुल सही पढ़ रहे हैं। यूँ तो प्रकृति की गोद मे बसे बैतूल जिले के भैंसदेही विकासखण्ड के कुकरू-खामला गाँव अपनी प्राकृतिक छटा के लिए मशहूर है, पर हम आज कुकरू-खामला की प्राकृतिक सुंदरता की नहीं बल्कि बात कर रहे हैं इस छोटे से गाँव खामला के किसान सन्तोष कोगे की।

गेंदे की खेती

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सन्तोष कोगे, बैतूल जैसे पिछड़े जिले के अन्य किसानों की तरह अपनी पारिवारिक 2 एकड़ जमीन में परम्परागत रूप से साल दर साल सोयाबीन और गेहूँ बोते आ रहे हैं। पिछले वर्ष उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा आयोजित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में सन्तोष को गेंदे की खेती की जानकारी मिली, पर जमीन कम होने के कारण उन्होंने गेंदे की खेती करने के विचार पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

खरीफ की बोनी का समय आने पर बोनी हेतु बीज खरीदने सन्तोष भैंसदेही की बीज दुकान पहुँच गए। दुकानदार को अन्य किसानों में व्यस्त देखकर सन्तोष समय बिताने के लिए दुकान पर लगे विभिन्न तरह के सब्जी-फूलों के बीज भी देखने लगे। देखते-देखते उनकी नजर गेंदे के फूल के पैकेट पर पड़ गई, फिर क्या था फूलों के प्रति लगाव ने एक बार फिर सन्तोष के मन को गेंदे की खेती की ओर आकर्षित किया और सोयाबीन के बीज के साथ-साथ सन्तोष 250 रुपये के गेंदे के बीज के पैकेट भी खरीद आये।

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10000 रुपये से ज्यादा की आय:-

जमीन कम होने के कारण माता-पिता ने खेत में गेंदा लगाने की सहमति नहीं दी, तो सन्तोष ने गेंदे के बीज घर के पीछे की बाड़ी के चारों ओर बिखेर दिए। बीज से तैयार पौधों पर जब बड़े-बड़े गेंदे के फूल खिलने लगे तो सन्तोष का मन भी खुशी से खिल उठा। दीवाली के समय अच्छी कीमत होने के कारण सन्तोष ने आसपास के गाँवों और भैंसदेही में ही गेंदे के फूल बेचकर 10000 रुपये से ज्यादा की आय कमाई।

सन्तोष बताते हैं कि बाड़ी में गेंदा लगाने के कारण उनकी बाड़ी में लगे टमाटर के पौधों में हर साल की तुलना में इस साल कीड़े बीमारी भी कम लगे, जिससे टमाटर का भी अच्छा उत्पादन हुआ। उन्होंने गेंदे को बिना कोई तकनीकी मापदंड अपनाते हुए लगाया, ज्यादा देखभाल भी नहीं की फिर भी अच्छा लाभ मिला। गेंदे की खेती से हुए लाभ से उत्साहित सन्तोष इस साल आधे एकड़ में गेंदे की खेती करके लाभ कमाना चाहते हैं।

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विशेषज्ञ विचार:-

गेंदे की खेती को बहुत ज्यादा देखभाल एवं लागत की आवश्यकता नहीं होती है। मुख्य फसल के रूप में लगाकर यदि दशहरे, दीवाली एवं शादियों के समय इसकी फसल ली जाए तो अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। गैंदे के पौधों को ट्रैप फसल के रूप में अन्य सब्जियों/फसलों के बीच में (12-15 लाइन अन्य फसल के बाद 1 लाइन गेंदे की) लगाकर भी कई तरह के कीड़े-बीमारियों से मुख्य फ़सल का बचाव किया जा सकता है, मिट्टी में पाए जाने वाले निमेटोड की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। ट्रैप फसल के रूप में लगाने पर फूलों को बेचकर अतिरिक्त आय भी कमाई जा सकती है।

डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार
उपसंचालक
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, बैतूल, म. प्र.

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जय जवान-जय किसान-जय उद्यान:-

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साभार:-

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