खरीफ फसलों की उन्नत किस्म के बीज

By | 2017-07-01

उन्नत किस्म के बीज खेती में एक मुख्य आधार हैं जिसके बिना वांछित उत्पादन संभव नहीं हैं। देश में हरित क्रांति मुख्यतया फसलों की उन्नत किस्म के बीज के विकास उपयोग से ही संभव हो पाई हैं। किसान के पास चाहे कितनी ही अच्छी भूमि हो, लेकिन यदि उन्नत किस्म के बीज नहीं हैं तो सरे प्रयास बेकार चले जाते हैं। तथा उन्नत किस्म के बीज किट एवं व्याधियों के प्रति ज्यादा प्रतिरोधी तथा जल एवं उर्वरकों के प्रति अनुक्रिया में बेहतर पाए गए हैं।

खरीफ फसलों की उन्नत किस्म के बीज

यह आलेख उन किसानों के लिए बहुत उपयोगी हैं जो खरीफ में विभिन्न परिस्थितियों के तहत फसलों की बुवाई की तैयारी में हैं ताकि समय रहते वांछित किस्म का प्रबंधन कर खेती में बोने से  पूर्व ही उनकी गुणवत्ता मुख्यतया अंकुरण परीक्षण अपने स्तर पर ही कर लेवें ताकि बुवाई के बाद किसान को खराब अंकुरण होता हैं तो इच्छित उत्पादन संभव नहीं हो पाऐगा चाहे अलग-अलग पौधों की बढ़वार और जोश बहुत अच्छा हो। अच्छे उत्पादन के लिए इकाई क्षेत्र में पौधों की वांछित संख्या का होना अति आवश्यक हैं।

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इस आलेख में प्रदेश की मुख्य खरीफ फसलों की उन्नत किस्म के बीज की संक्षिप्त जानकारी निम्न तालिका में दी जा रही हैं ताकि समय रहते हुए किसान भाई इच्छित किस्मों का प्रबंध कर एनवक्त पर होने वाली परेशानियों से बच सकें। निम्नलिखित उन्नत किस्म के बीज का ज्ञान प्राप्त कर किसान भाई मृदा पानी की उपलब्धता तथा अन्य परिस्थितियों अनुसार समय रहते इच्छित फसल की उन्नत किस्म के बीज का प्रबंधन कर एनवक्त पर होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं।

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फसल एवं किस्म पकने की अवधि उपज (क्विं./है.) विशेष विवरण

अनाज वाली फसलों

के  उन्नत किस्म के बीज

मक्का (अ) निश्चित वर्षा वाले क्षेत्र (800 ज्यादा)

1. गंगा सफेद -2 115-120 50 संकर एवं सफेद दाना
2. बायो – 9681 95-100

 

45-50 संकर एवं पिला दाना
3.माहि धवल 95-100 35-45 संकुल एवं सफेद दाना

(ब) मध्य वर्षा वाले क्षेत्र (600-800 मिमी.से कम वर्षा)

1. के. एच.-510 80-85 34-40 संकर, पीला दाना
2. प्रताप मक्का-5 85-90 45-50 संकुल, सफेद दाना
3. प्रताप मक्का-1 80-82 35-38 संकर, सफेद दाना
4.अरावली मक्का 80-85 30-40 संकुल, सफेद दाना

(स) कम वर्षा वाले क्षेत्र (600से मिमी. से कम )

1. सूर्या 75-80 25-35 संकुल, पीला दाना
2. माही कंचन 75-80 25-30 संकुल, पीला दाना

गुणवत्ता मक्का (प्रोटीन हेतु)

1.एच.क्यू.पी.एम.-1 100-110 45-50 संकर, पीला दाना
2.एच.क्यू.पी.एम.-5 100-110 35-40 संकर, पीला दाना

मीठी मक्का (भुट्टे हेतु)

1. माधुरी 55-60 80-125 दाना सूखने पर

बेबी कोर्न

1.एच.एम.-4 45-50 15-20 1-2 सेमी. मुछ निकलने पर भुट्टा तोड़े
2.वी.एल.पॉप.कोर्न 45-50 15-20      ’’   ’’

पॉप कोर्न

वी.एल.पॉप कोर्न 75-80 15-20 पीला दाना
अम्बर पर्ल 75-80 15-20 पीला दाना
जवाहर 75-80 15-20 पीला दाना

मक्का (हरे चारे हेतु)

1.प्रताप मक्का चरी -6 55-60 350-400 संकुल किस्म

ज्वार (दाने हेतु) कम वर्ष वाले क्षेत्रों के लिए

1.        सी.एस.एच.-6 90-100 35-40 संकर किस्म
2.        सी.एस.एच.-14 85-90 40-45 संकर किस्म
3.        सी.एस.वी.-17 85-90 25-30 संकुल किस्म

(ब)  ज्वार सामान्य वर्षा    वाले क्षेत्रों के लिए

1.       सी.एच.एस.-5 100-115 40-50 भारी मृदाओं के लिए उपयुक्त
2.       सी.एच.एस.-9 110-115 40-42 माइट्स प्रतिरोधी
3.       सी.एच.एस.-13 105-110 45-50 द्धिउद्देश्य
4.       प्रताप ज्वार -1430 90-95 30-35 द्धिउद्देश्य

ज्वार (चारे हेतु) एकल कटाई

1.       राजस्थान चरी-1 85-90 400-500 अधिक वर्षा हेतु उपयुक्त
2.       राजस्थान चरी-2 70 दिन में कटाई 300-350 सामान्य एवं कम वर्षा हेतु उपयुक्त
3.       प्रताप चरी- 1080 60-65 दिन में कटाई 350-400 सामान्य एवं कम वर्षा हेतु उपयुक्त

बहू कटाई हेतु ज्वार

1.       एम.पी.चरी 55-60 350-400 2-4 कटाई
2.       एस.एस.जी. 59-3 55-60 400-500 2-3 कटाई

बाजरा

1.       एच.एच.बी.- 67 65-70 15-20 संकर किस्म
2.       एम्.एच.- 36 80-85 18-34 संकर किस्म
3.       डब्ल्यू.सी.सी.-75 85-90 15 संकुल किस्म
4.       एम.एच.-179 80-85 15-20 संकर किस्म
5.       आर.एच.बी.- 90 72-78 20-22 संकर किस्म
6.       राज -171 80-90 18-20 संकुल किस्म

धान (रोपाई हेतु)

1.       रतना 120-125 50-60 देर से बुवाई हेतु उपयुक्त
2.       जया 135-140 55-60 क्षारीय भूमि हेतु
3.       माही सुगंधा 130-135 40-50 बासमती के गुणों युक्त
4.       कस्तुरी 130-135 40-50 खुशबूदार
5.       खुशबु 118-125 40-45 खुशबूदार
6.       मालव बासमती 130-135 35-40 बासमती के गुणों युक्त
7.       पूसा सुगंधा-4 135-140 50-55 सुगन्धित किस्म

धान (सीधी बुवाई)

1.       वागड धान 80-90 20-25 मोटा दाना
2.       कलिंगा -3 70-90 18-20 पथरीले एवं ढलान वाले वर्षा पोषित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त
3.       पूसा-2-21 110-115 45-50 मोटा दाना
4.       बाला 105-110 40-45 छोटा दाना

तिलहनी फसलें

मूंगफली

1.       टी.जी.-37 ए 98-98 28-30 झुमका किस्म
2.       प्रताप मूंगफली- 1 95-110 25-30 झुमका किस्म
3.       जी.जी.-2 100-110 30-32 झुमका किस्म
4.       टी.ए.जी-24 120-125 30-35 झुमका किस्म
5.       एस.- 13 140-145 12-15 विस्तारी  किस्म
6.       प्रताप राज मूंगफली 95-97 16-22 झुमका किस्म

तिल

1.       आर.टी.- 46 85-90 10-12 सफेद बीज
2.       आर.टी.-125 80-85 10-12 सफेद बीज
3.       आर.टी.-103 80-82 6-8 सफेद बीज
4.       टी.सी. – 25 95-100 4-5 सफेद बीज
5.       आर.टी. -127 75-84 6-9 सफेद बीज

सोयाबीन

1.       प्रताप सोया -1 90-95 25-30 फलिया नहीं चटकती है
2.       प्रताप राज सोया -24 95-97 20-30 बेहतर अंकुरण
3.       जे.एस.-335 95-100 25-30 उत्तम अंकुरण क्षमता
4.       जे.एस.-95-60 80-85 18-22 उत्तम अंकुरण क्षमता
5.       प्रताप राज – 24 95-98 20-25 उत्तम अंकुरण क्षमता
6.       जे.एस.- 93-05 85-90 25-30 उत्तम अंकुरण क्षमता

अरण्डी

1.       अरुणा 150-160 10-15 बोनी म्युटेंटेंट किस्म
2.       जी.सी.एच. – 4 210-240 20-23 संकर, उखटा रोधी
3.       जी.सी.एच. -7 240-270 18-30 संकर,
4.       ज्योति 90-150 12-15 उखटा रोधी, सफेद मक्खी व जेसिड प्रतिरोधी

दलहनी फसलें

मूँग

1.  के. – 851 60-80 8-10 जायद एवं खरीफ हेतु उपयुक्त
2. आर. एम. जी. – 62 65-70 8-10 पत्ती धब्बा रोधी
3.  आर. एम. जी. – 268 65-70 10-12 जायद एवं खरीफ
4.  एम. एल. – 267 80-90 9-12 जायद एवं खरीफ

उड़द

1. प्रताप उड़द 72-78 9-10 खरीफ एवं जायद हेतु
2. पंत यु – 19 70-75 10-12 खरीफ एवं जायद हेतु
3. बरखा (आर.बी.यु. – 38 ) 70-80 10-12 दाना छोटा एवं चमकीला काला होता है
4. टी – 9 80-90 8-10 दाना छोटा होता है
5. कृष्णा 90-110 10-12 भारी मृदाओं के लिए उपयुक्त, दाना बड़ा होता है।

चवला

1. सी. – 152 90-95 6-8 हल्के भूरे रंग का बीज
2. जे.सी. – 5 100-110 5-7 हल्के सफेद रंग का बीज
3. जे.सी. – 10 100-110 दाने एवं चारे दोनों हेतु

अरहर

1.  आई. सी. पी. एल. – 151 120-145 12-20 भारी मृदाओं के लिए
2.  आई. सी. पी. एल. – 97 140-150 15-20 एक साथ पकती है
3. ग्वालियर – 3 180-250 8-12 एक साथ पकती है
4. प्रभात 115-120 12-15 एक साथ पकती है
5. यु. पी. ए. एस. – 120 120-150 10-15 एक साथ पकती है
कुल्थी
1. के. एस. – 2 85-90 7-10 भूरे रंग का दाना
2. ए. के. – 21 85-90 8-10 राख रंग का दाना
3. प्रताप कुल्थी – 1 83-87 10-12 राख रंग का दाना
4. ए. के. – 42 83-87 10-12 राख रंग का दाना

मोठ

1. आर. एस. ओ. – 40 60-70 8
2. मरू वरदान 62-64 5-6
3. आर. एस. ओ. – 257 63-65 6-7
4. काजरी मोठ – 2 70-72 5-7
5. आर. एस. ओ. – 435 65-70 6-8

फलीदार फसलें

ग्वार

1. आर. जी. सी. – 936 85-90 8-12 दाना हल्का गुलाबी
2. आर. जी. सी. – 986 115-125 10-15 झुलसा रोग रोधी
3. ग्वार क्रांति 110-115 10-15 झुलसा रोग रोधी
4. मरू ग्वार 115-140 10-12 झुलसा रोग रोधी
5. आर. जी. सी. – 1038 100-105 10-16 झुलसा रोग रोधी

 

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