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आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद

आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद
Written by bheru lal gaderi

आंवला एक अत्यंत गुणकारी फल हैं इससे विटामिन-सी नामक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होता हैं। यह पोषक तत्व हमारे शरीर की विभिन्न क्रियाओं के नियमन में मदद करता हैं। मसूड़ों की मजबूती के लिए आंवला अत्यंत लाभदायक हैं और गर्मियों में इसकी उपलब्धता इसको संरक्षित करके बनाई जा सकती हैं।

 आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद

आंवला का परीक्षण क्यों ?

अक्सर यह तर्क दिया जाता हैं की जब ताजे आंवलों का उपभोग किया जाता हैं तो उनमे विटामिन ‘सी’ और अन्य उष्म-अस्थायी विटामिन अत्यधिक होते हैं, तब क्यों उनका परीक्षण किया जाना चाहिए ? यह सच हैं की जब ताजे आवलों का उपभोग किया जाता हैं तब उनमे हमे अत्यधिक विटामिन मिलते हैं और हमारे दैनिक आहार में ताजे आवलों को शामिल करने के सभी प्रयास किये जाने चाहिए। लेकिन आंवला प्राकृतिक रूप से मौसमी होती हैं। मौसम के दौरान अधिकांशतः आंवला कम मूल्यों पर उपलब्ध होता हैं और जब उनका मौसम नहीं होता हैं तब ये मुश्किल से दिखाई देता हैं तो ये बहुत महंगा होता हैं। इसके अतिरिक्त, आंवला खराब हो जाने वाली वस्तु हैं और इनका भंडारण लम्बे समय तक नहीं किया जा सकता हैं। आंवलों के खराब होने और मौसमी स्वरूप की दृष्टि में, यह अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं की जब ये प्रचुर मात्रा में सुलभ हो तब उनका परीक्षण कर लिया जाए ताकि परिवार के लिए पुरे वर्ष तक उनकी आपूर्ति (प्रसंस्कृत रूप में) सुनिश्चित की जा सके।

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आंवलों का परिरक्षण कैसे किया जा सकता हैं?

परिरक्षण की कला पीढ़ियों से हमे विरासत में प्राप्त हुई हैं। अचार, चटनियाँ और मुरब्बे तैयार करना बहुत सामान्य बात हैं और हमारे देश में यह परम्परागत प्रथा बनी हुई हैं। आंवलों का परिरक्षण निन्मलिखित त्रिकोण में से किसी एक तरिके को अपनाकर किया जा सकता हैं-

  • धुप में सुखाकर और उनका निर्जलीकरण करके
  • हिट ट्रीटमेंट करके
  • नमक से परिरक्षण करके
  • चीनी से परिरक्षण करके
  • सिरके से परिरक्षण करके
  • अन्य रसायनों आदि से परिरक्षण करके

आंवला के विभिन्न उत्पाद

आंवला का मुरब्बा

आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद

सामग्री

  • आंवला – 5 किग्रा. (बिना दाग वाले)
  • नमक- 10 ग्राम
  • शक़्कर- 6  किग्रा.
  • पोटेशियम मेटा बाई सल्फेट -15 ग्राम
  • निम्बू का सत (साइट्रिक एसिड)-  10 ग्राम
  • सोडियम बेंजोएट- 5 ग्राम

विधि

सबसे पहले आवलों को नमक के पानी में 24 घंटे तक गलती हैं। फिर उसके बाद 24  घंटे तक पोटेशियम मेटा-दे-सल्फेट के घोल में घोलते हैं। 24 घंटे के बाद आवलों को ताम्बे के तार या स्टील के कटे गोद ले। आवलों को गोदने के बाद उनको निचोड़ लेते हैं। गोदे हुए आवलो को वापस मेटा-डाई-सल्फेट के पानी में दाल देते हैं। 24  घंटे बाद आवलो को निकालकर एक उबाल आने तक उबाल ले। उबाल लेने के बाद 5 की.ग्रा. आवलों में 600  ग्राम पानी और 3  किग्रा.  शक़्कर व 10 ग्राम साइट्रिक एसिड डालते हैं। चाशनी इतनी देर तक ही बनाए की शक़्कर घुल जाये। चाशनी लाल नहीं होनी चाहिए। अब अवलो को चाशनी में डालते हैं। 24 घंटे बाद आवलों को चाशनी से बाहर निकाल कर 1.5  किग्रा. शक़्कर डालते हैं। 7 ग्राम साइट्रिक एसिड डालकर चाशनी बनाए। पुराणी चाशनी भी उसमे दाल दे। आवलों को 24 घंटे तक उसमे डालकर रखते हैं। 24 घंटे बाद वापस आवलों को निकालते हैं और 1.5  किग्रा. शक़्कर डालते हैं। पुराणी चाशनी को मिलकर गर्म कर लेते हैं। 5 ग्राम सोडियम बेंजोइट डालकर रख देते हैं और इस प्रकार आंवले का मुरब्बा तैयार हो जाता हैं।

नोट

शक़्कर के तीन हिस्से कर ले (पहली चाशनी 3 किग्रा, दूसरी चाशनी 1.5  किग्रा. व् तीसरी चाशनी 1.5 किग्रा.) सोडियम बेंजोएट का प्रयोग बने उत्पाद को लम्बे समय तक रखने के लिए करें।

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आंवला केण्डी

 आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद

सामग्री

  • आंवला – 5 किग्रा
  • नमक- 10 ग्राम
  • शक़्कर- 5 किग्रा.
  • पोटेशियम मेटा बाई सल्फेट -5 ग्राम

विधि

आवलों को  24 घंटो तक नमक के घोल में डालते हैं। 24 घंटे बाद मेटा-डाई-सल्फेट के घोल में डाल देते हैं। मेटा-डाई-सल्फेट के घोल से आंवले को उबाल आने तक उबाल लेते हैं। आवलों को उबाल लेने के बाद टोकरी में डाल देते हैं और ऊपर से ठंडा पानी डाल देते हैं, फिर उसकी कलियों निकालकर शक़्कर की परत जमा देते हैं (परत जमाने के लिए एक बार शक़्कर, एक बार कलिया लगाते हैं) दूसरे दिन पानी के घोल को निकाल लेते हैं। फिर वापस शक़्कर की चाशनी को वैसे ही डाल देते हैं। तीसरे दिन भी चाशनी डालते हैं। चाशनी को निकाल लेते हैं चौथे दिन उन कलियों को गर्म पानी से धोकर तीन दिन तक धुप में सुखाते हैं। तीन दिन बाद इसमें शक़्कर को पीस कर उस पाउडर को उन कलियों में मिला देते हैं। जिसमे पांच ग्राम सोडियम बेंजोएट मिला देते हैं। इस तरह से आंवला केन्डी तैयार हो जाती हैं।

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आंवले के लड्डू

 आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद

सामग्री

  • आंवला – 1किग्रा
  • नमक- 10 ग्राम
  • शक़्कर- 1किग्रा.
  • पोटेशियम मेटा बाई सल्फेट -2 ग्राम
  • इलाइची (छोटी)- 10 ग्राम

विधि

आवलो को 24 घंटे तक नमक के पानी में इसके बाद 24 घंटे ही पोटेशियम मेटा बाई सल्फेट के पानी में रखने के बाद उनको निकालकर पानी से धोलें। कसनी द्वारा कस कर इनको निचोड़ लें। इसके बाद आवलों को हल्का सा उबाल ले फिर ठंडा होने पर उसका रस निथार दे। यदि आंवले की कतरन 01 किग्रा. हैं तो उसमे 01 किग्रा. चीनी दाल देते हैं। इसमें 5 ग्राम निम्बू का सत भी मिलाए। 10 ग्राम इलाइची पीस कर डालते हैं। बुरादे व शक़्कर दोनों को कढ़ाई में धीमी आंच पर चलाते रहें, जब तक भूरा नहीं हो जाता। 12 घंटे बाद उसको हथेली पर घी लगाकर लड्डू बना लें। इसमें 5 ग्राम सोडियम बेंजोएट भी डालते हैं।

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आंवले का अचार

 आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद

सामग्री

  • आंवला – 2 किग्रा.
  • सौंफ-100 ग्राम
  • मेथी- 100ग्राम
  • कलोंजी- 25 ग्राम
  • नमक स्वादानुसार
  • लाल मिर्च- २250 ग्राम
  • हल्दी पीसी हुई- 50 ग्राम
  • सिरका- दो छोटी चम्मच
  • तेल- अचार डुब जाए इतनी मात्रा में तेल

विधि

सर्वप्रथम आंवलों को हल्दी-नमक के पानी के साथ उबाले। जब आंवले अच्छी तरह से उबल जाए (आंवले की कलियाँ अलग होने लग जाए) तब आवलों को बाहर निकालकर उनकी कलियों को अलग करके उन्हें थोड़ी देर के लिए पानी सूखने के लिए धुप में रख दें। जब पानी सुख जाए तब आवलों को सभी मसालों व तेल डली कड़ाही में डालकर अच्छी तरह से मिलाकर हिलाए। अब इन आवलों को जार में भरकर धुप में रख दें। अचार तैयार हैं।

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आंवले की चटनी

 आंवला का परिरक्षण एवं विभिन्न उत्पाद

सामग्री

  • आंवला -01 किग्रा.
  • हरा धनिया- आवश्यकतानुसार
  • नमक- स्वादानुसार
  • हरीमिर्च- आवश्यकतानुसार
  • जीरा- आवश्यकतानुसार

विधि

आंवले से गुठलियां निकालकर सारे मसालों के साथ मिक्सी में पीस ले और चटनी तैयार हैं।

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Author :-

गीतिका शर्मा
डॉ. सरला लखावत

गृह विज्ञान महाविद्यालय, म. प्र. कृ. प्रौ. विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान

स्रोत :-

फसल क्रांति पत्रिका

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bheru lal gaderi

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