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अनुबंध खेती से पूर्व किसान रखें इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान

Written by bheru lal gaderi

अनुबंध खेती से पूर्व इन छोटी- छोटी बातों का ध्यान अवश्य रखें किसान। हाल ही में बैतूल जिले में की जा रही मुनगे (मुगना, सहजन, मोरिंगा, drumstick) की पत्तियों की मूल्य अनुबंध खेती की पोस्ट पढ़कर मध्यप्रदेश के अन्य जिले ही नहीं अपितु पूरे भारत के विभिन्न क्षेत्रों से किसानों के मैसेज आ रहे हैं कि हम भी अपने क्षेत्र में ये खेती करना चाहते हैं, हम क्या करें। उन्हें मेरी सलाह होगी।

अनुबंध खेती

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किसान अनुबंध खेती करने से पूर्व निम्नलिखित बातों का ध्यान अवश्य रखें:-

  1. कोई भी नई फसल की खेती करने से पूर्व उसका मार्केट अवश्य तलाश लें क्योंकि आप किसान हैं, आप मेहनत करके कोई भी फसल सफलतापूर्वक उगा सकते हैं पर उसे सही मूल्य पर नहीं बेच पायेंगे तो बहुत नुकसान होगा। ऐसी फसलें जिन्हें आपके आसपास आम जन उपयोग नही करते पर जिनका उपयोग एक्सपोर्ट या प्रोसेसिंग में होता है, को उगाने से पहले उनके विपणन पर खास ध्यान देना आवश्यक है।
  2. नई फसल उगाने के पूर्व उसकी मिट्टी एवं जलवायु की आवश्यकता भी अवश्य देख लें कि वो फसल आपके क्षेत्र के लिए उपयुक्त होगी या नहीं।
  3. किसी भी कम्पनी से अनुबंध (contract) करने के पूर्व उस कम्पनी की पूरी जानकारी एवं उसकी विश्वनीयता जरूर परख लें, कहीं ऐसा न हो कि कम्पनी फसल लगवाने के बाद खरीदने ही न आये, फर्जी कम्पनियों की भरमार है हमारे आसपास। उचित होगा किसी सरकारी माध्यम से इस तरह की खेती में कदम रखें।
  4. अनुबंध हमेशा लिखित में करें जिसमें सारे terms स्पष्ट रूप से लिखे हुए होने चाहिए, जिससे भविष्य में कोई गड़बड़ी हो तो सम्बन्धित के विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाही की जा सके।

  5. सारे वित्तीय भुगतान चेक/ RTGS/ NEFT के माध्यम से करें, जहाँ तक सम्भव हो कैश का लेन-देन न करें।
  6. कई फर्जी कम्पनियाँ सिर्फ खाद एवं दवाइयाँ बेचने के लिए इस तरह की खेती को अपनाती हैं, बाद में उत्पाद भी नहीं खरीदती, ऐसी कम्पनियों से बचें एवं हमेशा लिखित में ही अनुबंध करें।
  7. कम्पनी के साथ लंबे समय तक सहयोगी सम्बन्ध रखकर लाभ लेने के लिए आप किसान भी अनुबंध की शर्तों पर कायम रहें, यानि आपने अगर कम्पनी से पूर्व निर्धारित शर्तों पर उसे फसल बेचने का अनुबंध किया है तो आप अपनी फसल उसी कम्पनी को बेचने हेतु अनुबंधित होते हैं। ऐसा न हो कि बाजार में उस फसल का मूल्य थोड़ा ज्यादा है तो आप उसे बाजार में बेच दें। ऐसा करने पर कम्पनी भविष्य में आपसे कभी भी कोई अनुबंध नहीं करेगी।

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जय जवान-जय किसान-जय उद्यान:-

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साभार:-

#उद्यानिकी_सन्देश_खेती_में_स्वच्छता_अभियान

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